11.8.16

सुगर ठीक करने का देशी नूकता


सुगर ठीक करने का देशी नूकता

आक, आकड़ा, मदार पौधे की पत्ती
एक सप्ताह में आपका " सुगर " सामान्य् हो जायेगा !

यह "अकबन,आक, आकड़ा, मदार है !
इस पौधे की पत्ती को उल्टा ( उल्टा का मतलब पत्ते का खुदरा भाग )
कर के पैर के तलवे से सटा कर मोजा पहन लें !
सुबह और पूरा दिन रहने दे रात में सोते समय निकाल दें !
एक सप्ताह में आपका " सुगर " सामान्य् हो जायेगा !
बाहर निकला पेट भी कम हो जाता है !
ये पेड़ हर जगह मिलता है और इसकी कई जातीय है जो भी मिले लेले
और हा एक बात पर धयान दे इसका दूध आँख में ना जाये नहीं तो आप की आखे खराब हो सकती है
और २ पत्ते से जड़ा ना ले ये अनमोल पेड़ है
काफी लोग इस ऱ्पयोग से लाभान्वित हो रहे हैं ! आप भी स्वास्थ़्य लाभ लें !!

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30.7.16

उड़द की दाल के 6 फायदे

उड़द की दाल के 6 फायदे

1. उड़द की दाल से बना लड्डू सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यहां तक की इसमें बूढों को नौजवान करने की भी क्षमता होती है।
2. उड़द की दाल शरीर में खून के प्रवाह को भी दुरुस्त रखती है।
3. अगर आप पतले हैं तो उड़द की दाल का बना लड्डू खाइए। इससे आपका वजन बढ़ जाएगा।
4. उड़द की दाल दिल के रोगों से भी बचाती है। इसमें मैग्नीशियम पाया जाता है,
जो दिल के बहुत लाभदायक होता है। इससे बने लड्डू खाइए तो दिल स्वस्थ रहेगा।
5. शरीर पर फोड़े और फुंसियां होने पर उड़द के आटे को पट्टी में डालकर बांध लें। जादुई तरीके से फुंसियां गायब हो जाएंगी।
6. उड़द की दाल को एक छोटी पोटली में बांध लें। इसे तवे पर गर्म करके जोड़ों को सेकने से जोड़ों के दर्द से निजाद मिलेगा।

24.6.16

नेत्र – ज्योतिवर्धक (चश्मा छुड़ानें के लिए) उपचार,

नेत्र – ज्योतिवर्धक (चश्मा छुड़ानें के लिए) उपचार, उपाय और विकल्प –

बादाम-गिरी, सौंफ़ (बड़ी) स्वच्छ की हुई, मिश्री कूजा तीनों को बराबर-बराबर लेकर कूट-पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर किसी काँच के बर्तन में रख लें। प्रतिदिन रात में सोते समय 10 ग्राम की मात्रा में 250 ग्राम दूध के साथ चालीस दिन तक निरन्तर लेते रहनें से दृष्टि इतनी तेज़ हो जाती है कि चश्में की आवश्यकता ही नहीं रहती। इसके अतिरिक्त इससे दिमाग़ी कमज़ोरी, दिमाग की गर्मी, दिमाग़ी फ़ितूर और बातों को भूल जानें की बिमारी भी दूर हो जाती है।

विशेष –

बच्चों को आधी मात्रा दें। पूर्ण लाभ के लिए दवा के सेवन के दो घंटे बाद तक पानी न पियें। आँखों की रौशनी के साथ-साथ याद्दाश्त भी बढ़ेगी।
कूजा मिश्री न मिले तो साधारण मिश्री का प्रयोग भी कर सकते हैं। कूजा मिश्री मिट्टी के बर्तन या कूजे की सहायता से एक विशेष विधि से बनाई जाती है। यह अधिक शीतल मानी जाती है।
सहायक उपचार –

सुबह उठते ही मुँह में ठंडा पानी भरकर मुँह फुलाकर ठन्डे पानी से आँखों पर छींटे लगाने चाहिए। ऐसा दिन में तीन बार करें।
त्रिफला जल से आँखें धोना – आँवला, हरड़ और बहेड़ा (गुठली सहित) सामान मात्रा में लेकर उन्हें यवकूट (थोड़ा-सा कूटकर) कर लें और किसी शीशी में भरकर रखकर रख लें। प्रतिदिन शाम को इसमें से 10 ग्राम त्रिफला चूर्ण को कोरे मिट्टी या शीशे के पात्र में एक गिलास पानी (200 ग्राम) में भिगो दें। सुबह इसको मसलकर छान लें। फ़िर इसके निथरे हुए पानी से हल्के हाथ से नेत्रों में खूब छींटे लगाकर धो लिया करे। इससे न केवल आँखों की रौशनी की रक्षा की जाती है बल्कि नज़र तेज़ होती है तथा आँखों की अनेक बीमारियाँ ठीक होती है।
पैर के तलवों में सरसों के तेल की प्रतिदिन मालिश करने और नहाने से पहले पैर के अंगूठे तेल से तर करने से नेत्र-ज्योति बढ़ती है तथा आँखों के रोग नहीं होने पाते।
गाजर, टमाटर का सेवन करें। दिन में दो बार आधा गिलास की मात्रा में गाजर का रस दो-तीन महीनों तक पीए। 

13.5.16

डाइबिटीज में आजमाएं देसी उपाय

डाइबिटीज में आजमाएं, बस 2 देसी उपाय

क्या आपको डाइबिटीज है ? अगर आप डाइबिटीज रोगी हैं तो हम बता रहे हैं आपके लिए ऐसे 2 आसान और प्रभावी नुस्खे जि‍न्हें वैज्ञानिक तौर पर अति कारगर साबित किया जा चुका है। इसके लिए आपको अपने पुराने इलाज को प्रभावित करने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आप इसे उसके साथ भी आजमा सकते हैं। यकीन मानिए, अत्यंत कारगर है यह उपाय...  

1. एक चम्मच अलसी के बीजों को अच्छी तरह से चबाकर खाइए और दो गिलास पानी पीजिए। ऐसा प्रतिदिन सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले करना है। 
2. दालचीनी की छाल का चूर्ण तैयार कर लीजिए और आधा चम्मच चूर्ण एक कप पानी में मिला लीजिए और इस मिश्रण को दोपहर और रात खाना खाने से पहले प्रतिदिन लीजिए। 
इन दोनों नुस्खों की शुरुआत करने से पहले अपने इंसुलिन लेवल की जांच अवश्य करें ताकि एक पन्द्रह दिनों बाद जब पुन: जांच की जाए तो फर्क दिखाई दें। 
पादप विज्ञान जगत के अनेक शोध पत्रों में इन फार्मुलों से गजब के परिणामों का दावा किया गया है, आदिवासी हर्बल जानकार तो इन फार्मुलों को सैकड़ों सालों से लोगों पर आजमा रहे हैं।

18.4.16

गर्दन का कालापन दूर करने के लिये अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

गर्दन का कालापन दूर करने के लिये अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

नींबू और गुलाबजल
नींबू और गुलाबजल का 1 चम्मच लें और मिलाएं। फिर इस घोल को रूई की मदद से काली गर्दन पर लगाएं और रातभर के लिये छोड़ दें। यह तरीका हर तहर की त्वचा पर आजमाया जा सकता है।

नींबू और शहद
ताजा नींबू और शुद्ध शहद ले कर मिलांए और गर्दन पर लगाएं। 20-25 मिनट तक छोड़ दें और बाद में हल्के गरम पानी से धो लें। इस विधि से आपकी गर्दन साफ हो जाएगी।

3.2.16

जोड़ों के दर्द से छुटकारा

एपल -साइडर-विनेगर :
एपल -साइडर-विनेगर पके हुए सेबों का सिरका होता है। इसमें कई मिनरल, मेलिक एसिड, असेटिक -एसिड, और कई प्रकार के आर्गेनिक तत्व होते हैं। आर्थराइटिस के लिए जिम्मेदार एसिड जोड़ों के बीच में अंडे के छिलके के सामान कठोर एसिड-क्रिस्टल के रूप में होते है। एपल -साइडर-विनेगर इन एसिड क्रिस्टल्स को गला देते हैं जो ,खून के जरिये किडनी में पहुँच कर यूरिनरी सिस्टम के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाते हैं।
प्रयोग -विधि :
प्रतिदिन सुबह 100 मिली . हलके गुनगुने पानी में
एक छोटा चम्मच [लगभग 5 मिली .] शहद और लगभग
10 मिली . एपल -साइडर-विनेगर डाल कर पिए। शुरू -शुरू में थोड़ी मिचली या उलटी जैसा लग सकता है लेकिन चिंता न करें।
इस प्रयोग के अतिरिक्त निम्न उपाय करने से जोड़ों की तकलीफ में तीब्रता से आराम मिलेगा :
1. सर्वप्रथम अपना वजन घटाने की कोशिश करें । एपल -साइडर-विनेगर वजन को भी प्रभावशाली रूप से नियंत्रित रखता है।
2. ताज़ी हवा में टहलने की आदत डालें ।
3. ताज़े फल और सब्जी खाएं, यथासंभव मांसाहार से दूर रहे।
4. एसिड फ्री या क्षार -युक्त भोजन करें |
5. हफ्ते में कम से कम दो बार एप्सम -साल्ट [magnesium sulphate] गुनगुने पानी में डाल कर नहाएं।
आप इन सभी उपायों को अपना कर आजीवन जोड़ों के दर्द से छुटकारा पा सकतें है।

30.1.16

नीम का तेल कई मामले में बालों के लिए है फायदेमंद


नीम का तेल कई मामले में बालों के लिए है फायदेमंद

बाल झड़ने, डैंड्रफ जैसी समस्याओं से परेशान हैं तो नीम के तेल के इस्तेमाल से आपको फायदा मिल सकता है।
आयुर्वेद से लेकर एलोपैथ तक, नीम की जड़ से लेकर तने, छाल,पत्तियों, फल और तेल, नीम का सबकुछ फायदेमंद है।नीम के हैं ये गुण
नीम में एंटीबैक्टीरियल, एंटी फंगल, एंटी पैरासिटिक गुणों के अलावा, विटामिन सी, प्रोटीन और कैरोटीन प्रचुर मात्रा में है जो न केवल बालों को संक्रमण से मुक्त रखता है और जुएं जैसी समस्याओं से बचाता है बल्कि बालों को लंबे समय तक घना और काला बनाए रखने में मदद करता है।ऐसे करें इस्तेमाल
नीम का तेल लगाने का सही तरीका इस तरह है। पहले नीं के तेल को हल्का गर्म कर लें।
इससे स्काल्प की मसाज करें। इससे कम से कम एक घंटा और अधिकतम रात भर लगाकर छोड़ें।
इसके बाद शैंपू से बाल अच्छी तरह साफ करें। हफ्ते में कम से कम एक बार यह उपाय करें।